सम्राट अशोक का चरित्र विश्व के इतिहास में अतुलनीय
आभार उनके द्वारा स्थापित मूल्यों और उनकी दूरदर्शी शासन नीतियों में निहित है


मरदह गाजीपुर।स्थानीय गांव में शनिवार को चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की 2329 वां जयन्ती समारोह पूर्वक मनाया गया।जहां सम्राट अशोक व गौतम बुद्ध के चित्र पर माल्यार्पण,पुष्पांजलि व दीप प्रज्जवलित कर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।मुख्य अतिथि मुनेश्वर सागर ने कहा कि यह जयंती भारत में एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में उभर रही है,सम्राट अशोक के जन्म की स्मृति में मनाई जा रही है।यह दिन अशोक के उस योगदान को सम्मान देता है,
शिक्षक नेता राजू सिंह ने कहा कि सम्राट अशोक का चरित्र विश्व के इतिहास में अतुलनीय रहा,अशोक के प्रति भारत का आभार उनके द्वारा स्थापित मूल्यों और उनकी दूरदर्शी शासन नीतियों में निहित है,जो आज भी देश के लोकाचार को प्रभावित करते हैं।भारत अशोक का आभारी है क्योंकि उन्होंने एक ऐसी विरासत छोड़ी,जो शक्ति को हिंसा से नहीं, बल्कि शांति,न्याय और कल्याण से मापती है।अशोक चक्र और सिंह शीर्ष केवल प्रतीक नहीं हैं; वे उस दर्शन के वाहक हैं, जिसने भारत को एक नैतिक और एकजुट राष्ट्र के रूप में आकार दिया।अशोक चक्र हमें निरंतर प्रगति और शांति की ओर ले जाता है,जबकि सिंह शीर्ष सत्य और साहस के साथ देश की संप्रभुता की रक्षा करता है। डॉ वीरेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि अशोक प्रतीक हमें याद दिलाते हैं कि 2300 साल पहले एक सम्राट ने जो सपना देखा था,वह आज भी भारत के लोकतंत्र और एकता का आधार है। अशोक की यह देन भारत को न केवल गर्व का कारण है, बल्कि विश्व के सामने एक प्रेरणा भी प्रस्तुत करती है।अनील मौर्य ने कहा कि भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों में सम्राट अशोक की छाप गहरी और स्थायी है।मौर्य वंश के इस महान शासक,जिन्होंने लगभग 268 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक शासन किया,न केवल प्राचीन भारत को एकजुट किया,बल्कि अपने शासनकाल में अपनाए गए मूल्यों को भी एक ऐसी विरासत के रूप में छोड़ा,जो आज भी देश के प्रतीकों में प्रतिबिंबित होती है।हिमांशु मौर्य ने कहा कि अशोक के शिलालेखों और उनके द्वारा स्थापित स्तंभों से लिए गए दो प्रमुख राष्ट्रीय प्रतीक-अशोक चक्र और अशोक का सिंह शीर्ष-भारत की पहचान का अभिन्न अंग हैं।यह विस्तृत रिपोर्ट प्रामाणिक और सत्यापित जानकारी के आधार पर बताती है कि ये प्रतीक क्या हैं,ये क्या दर्शाते हैं और भारत अशोक के प्रति क्यों आभारी है सभी को जानना जरूरी है।इस मौके पर राजकुमार मौर्य,उमाशंकर मौर्य,अशोक मौर्य,सुबाष मौर्य, रामप्रवेश मौर्य, राधेश्याम मौर्य,विनोद मौर्य,रामनवमी राम, राजू कुशवाहा,राजकुमार राम,सुरेन्द्र राजभर,शिवपूजन मौर्या,रामलाल मौर्या,सचिन मौर्य,अमन मौर्य,शुभम मौर्य,राजा मौर्य,प्रिंश मौर्य,राहुल मौर्य,अमरेन्द्र मौर्य,अविनाश मौर्य, संदीप मौर्य,विशाल मौर्य,बृजेश मौर्य,मिथिलेश मौर्य,नगीना मौर्य, जितेन्द्र मौर्य, गोपाल मौर्य,राकेश मौर्य,रितेश मौर्य,महेन्द्र मौर्य,कृष्णा मौर्य,आदि लोंग मौजूद रहे।