पुलिस अधीक्षक ने साइबर थाना एवं सभी थानों के साइबर हेल्प डेस्क पर नियुक्त अधिकारी/कर्मचारीगण की लगाई पाठशाला
एसपी डॉ ईरज राजा ने दिया सख्त निर्देश

गाजीपुर।पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा के द्वारा साइबर थाना एवं सभी थानों के साइबर हेल्प डेस्क पर नियुक्त अधिकारी/कर्मचारीगण के साथ पुलिस लाइन सभागार में कार्यशाला/मीटिंग का आयोजन किया गया।पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश लखनऊ के द्वारा बढ़ते साइबर अपराध के रोकथाम हेतु जनपद के समस्त थानों पर साइबर हेल्प डेस्क/साइबर सेल का गठन किया गया है,दिनांक-16.07.2025 को श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा साइबर अपराध के रोकथाम व अंकुश लगाने हेतु जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क/साइबर सेल पर नियुक्त अधिकारी/कर्मचारीगणों को प्रशिक्षण प्रदान कर दक्ष बनाने हेतु जनपद स्तर पर रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया तथा सम्बन्धित को साइबर धोखाधड़ी से सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण,क्षेत्राधिकारी नगर व जनपदीय साइबर थाना टीम मौजूद रहे एवं जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारीगण/प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुये।कार्यक्रम के दौरान महोदय द्वारा साइबर धोखाधड़ी/बचाव से सम्बंधित निम्न दिशानिर्देश दिये गये।
*(क्या करें)*
1-एटीएम से पैसा निकालते समय सावधानी बरतें, एटीएम कक्ष में किसी अन्य को प्रवेश न करने दें अथवा गार्ड वाले एटीएम को ही प्रयोग में लायें । अपना एटीएम कार्ड किसी अन्जान व्यक्ति के हाथ में न दें ।
2-किसी भी वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले अच्छी तरह से जांच लें।
3-आनलाइन सेवायें प्रदान करने वाली कम्पनियों व सरकारी विभाग/कम्पनियों के कस्टमर केयर का नम्बर अधिकारिक बेबसाइट से ही प्राप्त करें।
4-खाते में केवाईसी अपडेट कराने के लिये बैंको द्वारा कभी भी किसी से व्यक्तिगत जानकारी /ओटीपी /सीवीवी/पिन नम्बर नही मांगी जाती है।
5.सोशल मीडिया का सकारात्मक एवं सुरक्षित तरीके से सदैव प्रयोग करें। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करना/शेयर करना दण्डनीय अपराध है।
*(क्या ना करें)*
1-किसी अंजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी ऐप डाउनलोड न करें।
2-अज्ञात व्यक्ति/अज्ञात मोबाइल नम्बर द्वारा भेजी गयी लिंक को क्लिक न करें।
3-किसी से पैसा प्राप्त करते समय अपनी यूपीआई आईडी/पासवर्ड न डालें, पैसा प्राप्त करते समय इसकी कोई आवश्यकता नही होती है।
4-फेसबुक व अन्य सोशल साइट पर साइबर अपराध का शिकार होने से बचने के लिए किसी भी अन्जान व्यक्ति को जोड़ने या मित्र बनाने से बचें ।
6-प्रायः कुछ फ्राड व्यक्तियों द्वारा आम लोगों को कॉल करके, पैसा भेजने का फर्जी स्क्रीनशाट भेजकर वापस करने का रिक्वेस्ट कर पैसा अपने खाते में मंगवा ले रहे है और आम जनमानस अपने खाते को चेक किये बिना केवल स्क्रीनशाट देखकर पैसा भेजकर फ्राड का शिकार हो रहे हैं।
7-कृपया किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा पैसो की मांग किये जाने पर अच्छे से जाँच ले एवं अपने खाते का बैलेंस चेक कर ले, किसी के बहकावे में न आये।
8.सोशल मीडिया पर किसी भी सूचना की सच्चाई/सत्यता का पता किए बगैर शेयर करने, कमेन्ट व उसे फॉरवर्ड करने से बचें।
9.सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, भड़काऊ या अलग-अलग समुदायों के बीच नफ़रत पैदा करने वाला पोस्ट, वीडियो या तस्वीर शेयर न करें।
10.सोशल मीडिया पर ऐसा कोई शब्द/कमेन्ट, पोस्ट, फोटो, वीडियो कदापि न पोस्ट करें जिससे किसी धर्म या समुदायों के लोगों की आस्था, मन या भावना को ठेस पहुंचती हो। इस तरह से पोस्ट करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नम्बर-1930 अथवा थाना स्थानीय पर बने साइबर हेल्प डेस्क पर दें,जिससे धनराशि खाते में होल्ड करायी जा सके। साइबर अपराध एनसीआरपी पोर्टल की वेबसाइट-www.cybercrime.gov.in पर दर्ज करें।
गाजीपुर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर प्रत्येक पोस्ट/खबर/सामग्रियों पर निरन्तर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आपत्तिजनक/भड़काऊ/भ्रामक पोस्ट या वीडियो या तस्वीर का सोशल मीडिया में प्रसारित होने पर अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।



