अंतर्राष्ट्रीय

विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान किसानों को दी उन्नत खेती की जानकारी

विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान किसानों को दी उन्नत खेती की जानकारी

बलिया।विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान दिनांक 10 जून 2025 को गांव कसौन्डर, मलप हरसेनपुर, डिहंवा विकास खंड नगरा में कृषि विज्ञान केन्द्र सोहाँव, बलिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ संजीत कुमार ने कहा कि किसान भाई एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के जरिये फसलों की आवश्यकतानूसार पोषक तत्वों की पूर्ति करते हुए अच्छी आय प्राप्त कर सकते है।एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना,फसल की उत्पादकता बढ़ाना, और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव को कम करना है।उन्होंने कहा कि किसी भी फसल में पोषक तत्व प्रबंधन के लिए मिट्टी की जांच कराना बहुत महत्वपूर्ण है मिट्टी की जांच से पता चलता है कि मिट्टी में कौन से पोषक तत्वों की कमी है और उनकी कितनी मात्रा में आवश्यकता है।पोषक तत्वों की आवश्यकता का आकलन करके उर्वरकों का सही मात्रा में उपयोग किया जा सकता है।जैविक पदार्थों को विघटित करके बनाई गई खाद,पशुओं के गोबर से बनाई गई जैविक खाद मिट्टी की संरचना में सुधार करती है और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाती है। एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन में हरी खाद का भी विशेष महत्व है हरी खाद के लिए, हरी खाद की फसलों जैसे ढैंचा, सनई, उर्द, मूँग लोबिया आदि को उगाकर खेत में ही दबा दिया जाता है, जिससे मिट्टी में जैविक पदार्थ और पोषक तत्व बढ़ते हैं। इसके अलावा फसल अवशेषों को खेत में ही दबाकर या उनसे कंपोस्ट बनाकर मिट्टी में पोषक तत्वों को पुनः प्राप्त किया जा सकता है। फसल चक्र और अंतरफसल पद्धति में अनाज वाली फसलों के साथ दलहनी फसलों का समावेश करके मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखा जा सकता है और पोषक तत्वों की कमी को रोका जा सकता है।रासायनिक उर्वरकों का उपयोग मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए किया जाता है। इनका उपयोग संतुलित और आवश्यकता अनुसार किया जाना चाहिए,एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एक प्रभावी रणनीति है जो न केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ाती है,बल्कि मिट्टी और पर्यावरण की सेहत को भी बनाए रखती है। इसके लिए आवश्यक है कि किसान भाई एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को अपनाते हुए उर्वरकों का संतुलित और आवश्यकता अनुसार उपयोग करें। जिससे फसलोंत्पादन की लागत को कम करके शुद्ध आय को बढ़ाया जा सकता है।केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार सिंह खरीफ फसलों के बीजोत्पादन तकनीक के बारे विस्तृत जानकारी दी।योगेंद्र चौहान सहायक विकास अधिकारी (कृषि) ने खरीफ फसलों के बीज की उपलब्धता एवं कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।इस कार्यक्रम के दौरान पशुपालन,गन्ना विभाग, उद्यान विभाग के कर्मचारियों ने अपने अपने विभाग की योजनाओं की जानकारी दी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button