कानपुर में रेल पटरी पर रखी गई थी एलपीजी सिलेंडर,टकराई कलिंदी एक्सप्रेस ट्रेन
ट्रेन के पास मिले पेट्रोल भरी बोतलें

कानपुर।उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक महीने के अंदर ही एक और ट्रेन हादसे की साजिश सामने आई है.रविवार रात करीब 8.30 बजे भिवानी जा रही कालिंदी एक्सप्रेस रेलवे लाइन पर रखे भरे एलपीजी सिलेंडर से टकरा गई.बीते 17 अगस्त की रात करीब 2.30 बजे साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए थे.रेलवे ने इस हादसे में भी साजिश की बात कही थी.पुलिस की ओर से बताया गया है कि बीते 8 सितंबर की रात करीब 8.30 बजे अनवरगंज-कासगंज रेलवे लाइन पर बर्राजपुर और बिल्हौर के बीच कालिंदी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखे भरे एलपीजी सिलेंडर से टकरा गई. लोको पायलट ने बताया कि उसे ट्रैक पर कोई संदिग्ध चीज दिखाई दी जिसके बाद उसने ब्रेक मारी, लेकिन उसके बाद भी वह चीज ट्रेन से टकरा गई जिससे काफी तेज आवाज हुई. ड्राइवर ने ट्रेन रोककर गार्ड और बाकी लोगों को इसकी सूचना दी.घटना की जानकारी मिलते ही अनवरगंज स्टेशन के रेलवे अधीक्षक, आरपीएफ और अन्य रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए. मौके पर जांच की गई तो झाड़ियों में पुलिस को एक सिलेंडर, पेट्रोल की बोतल, माचिस और बारूद जैसे कई घातक पदार्थ भी मिले. ट्रेन को आधा घंटा रोकने के बाद रवाना कर दिया गया. मौके पर पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने आकर जांच पड़ताल की. सभी संदिग्ध वस्तुओं को जांच के लिए भेज दिया गया.मौके पर पहुंचे एडिशनल कमिश्नर हरीश चन्द्र ने बताया कि जिसने भी ये किया है उसे पकड़ने का काम किया जाएगा. फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. हमारी फॉरेंसिक टीम भी डिटेल में समीक्षा कर रही है.
*साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे हुए थे डीरेल*.
इससे पहले बीते 17 अगस्त की रात कानपुर-झांसी रूट साबरमती एक्सप्रेस (19168) के 22 डिब्बे इंजन समेत पटरी से नीचे उतर गए थे. ट्रेन के ड्राइवर ने बताया था कि बोल्डर के इंजन से टकराने के कारण हादसा हुआ क्योंकि जैसे ही बोल्डर इंजन से टकराया, वैसे ही इंजन का कैटल गार्ड बुरी तरह से मुड़ गया. इस हादसे की जांच की जा रही है।



