संविधान में निहित आदर्शों को आम जनता तक पहुँचाना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना
संविधान दिवस के अवसर पर संविधान सम्मान यात्रा की शुरुआत हुई

मरदह गाजीपुर।संविधान दिवस के अवसर पर संविधान सम्मान यात्रा की शुरुआत हुई।यह यात्रा मरदह दलित बस्ती से निकलकर,संत रविदास मंदिर,थाना मुख्यालय,कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय,ब्लाक संसाधन केंद्र मुख्यालय होते हुए डॉ भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा के पास पहुंच कर सभा के रूप में परिवर्तित हुई।नागरिकों सहित छात्र-छात्राओं ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कर राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।यात्रा का मुख्य उद्देश्य संविधान में निहित आदर्शों को आम जनता तक पहुँचाना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था।डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया गया।मार्ग में जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया और संविधान के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।राजकुमार राम ने संबोधन में कहा कि संविधान की प्रस्तावना राष्ट्र की आत्मा है।इसमें निहित न्याय, स्वतंत्रता,समानता और बंधुता के मूल्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि नागरिकों द्वारा,अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से ही संविधान की भावना मज़बूत होती है।यात्रा के समापन पर,सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि संविधान के आदर्शों को व्यवहार में लाना प्रत्येक नागरिक की ज़िम्मेदारी है।इस अवसर पर राजकुमार मास्टर,रामबचन राही,सुष्मिता भारती,जावेद अहमद,तारकेश्वर राम,रामानंद,सोनी देवी,रीना देवी,नीलम देवी, भाग्यमनी देवी,आरती रावत,रोशनी,काजल,सुहानी,पायल आदि मौजूद रहे।



