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प्रवक्ता डॉ.हरिओम प्रताप यादव ने एनसीईआरटी के राष्ट्रीय स्तर मंच पर जिले को दिलाई पहचान

कार्यशाला के दौरान देशभर से आए प्रवक्ताओं ने अच्छे अनुभवों का साझा किया

गाज़ीपुर।प्रवक्ता डॉ.हरिओम ने एनसीईआरटी मंच से साझा की शिक्षा की नई दृष्टि।नई दिल्ली राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) में दिनांक 25 से 29 अगस्त 2025 तक पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।इसमें उत्तर भारत के 10 राज्यों से आए 81 डायट प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का संचालन शिक्षक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर जितेंद्र पाटीदार के समन्वय से संपन्न हुआ।इस अवसर पर जनपद से प्रवक्ता डॉ.हरिओम प्रताप यादव ने प्रतिभाग कर जिले में विकसित हो रहे Centre of Excellence (CoE) को गति प्रदान करने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में अपने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम का उद्घाटन एनसीईआरटी के निदेशक प्रो.डी.पी.सकलानी ने किया।अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव है और इसके सफल क्रियान्वयन हेतु डायट्स एवं सीओई जैसी संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि शिक्षकों की क्षमता-विकास,डिजिटल शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा तथा नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों पर गंभीरतापूर्वक कार्य करना आवश्यक है।कार्यशाला के दौरान देशभर से आए प्रवक्ताओं ने अच्छे अनुभवों का साझा,नवाचारों की प्रस्तुति तथा भावी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की।डॉ.हरिओम प्रताप यादव ने अपने वक्तव्य में जिले में विकसित हो रहे Centre of Excellence की प्रगति और उसके माध्यम से जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता उन्नयन के प्रयासों को प्रस्तुत किया।उन्होंने बताया कि सीओई के माध्यम से जिले में शिक्षक-प्रशिक्षण,डिजिटल लर्निंग लैब्स, नवाचारी शैक्षणिक पद्धतियाँ तथा सामुदायिक सहभागिता को नई दिशा दी जा रही है।कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा,शिक्षक प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा,समावेशी शिक्षा,स्वास्थ्य एवं कल्याण, तथा जीवन कौशल प्रशिक्षण जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित हुए।प्रतिभागियों ने इस अवसर पर अपने अनुभव साझा किए और एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने का संकल्प लिया।जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि जिले से प्रवक्ता डॉ.हरिओम प्रताप यादव ने एनसीईआरटी,नई दिल्ली जैसे राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जिले की शैक्षिक पहलों का प्रतिनिधित्व किया और जनपद को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दिलाई।

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