बिरनो ग्राम पंचायत में प्रधान व सचिव ने मचाया भ्रष्टाचार का खेल
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को दिए शपथ पत्र के माध्यम से जांच करने की किया मांग

ग्राम पंचायत के विकास कार्यों का लाखों रुपए धनराशि प्रधान व सचिव ने मिलकर हड़प ली,खूब किया बंदरबांट
गाजीपुर।योगी सरकार कितना भी भ्रष्टाचार को रोकने का प्रयास कर ले पर भ्रष्टाचारी सुधरने वाले नहीं है। नीचे से ऊपर तक चारों ओर मचा है लूट हंस।जिले के अधिकारी व कर्मचारियों के दिनचर्या में आ गया है लूट खसोट।अब सरकार भ्रष्टाचार को रोक पाने में भी असमर्थ दिख रही है।सिर्फ सरकार झूठ का पुलिंदा बना रही और विकास कार्यों में लगातार लुट खसोट चल रहा है।बिरनो ब्लाक मुख्यालय का गांव भी इससे अछूता नहीं है।ग्राम पंचायत बिरनो में बहुत बड़ा भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।जब गांव के ही एक शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को शपथपत्र देकर बिरनो ग्राम पंचायत की पोल खोल दी तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया।पत्र का संज्ञान लेते ही डीएम ने इस मामले में जांच बैठा दी है।ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की धनराशि बिना कार्य कराए ही भुगतान कर लिया गया।शिकायतकर्ता ने बताया कि रामलीला मैदान के बगल में पोखरे की सीढ़ी निर्माण के नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान मनरेगा से कर लिया और ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत 27 मई 2024 को हुए भुगतान में सरकारी नौकरी करने वाले व्यक्ति की पत्नी के नाम से मनरेगा मजदूरी का भी भुगतान आहारण किया।वहीं दूसरी ओर प्राथमिक विद्यालय प्रथम व द्वितीय विद्यालय में मरम्मत के नाम पर भी गबन किया गया है।विद्यालय में दिव्यांग शौचालय के निर्माण कार्य में भारी मात्रा में घटिया सामग्री का उपयोग कर भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम किया गया है।पंचायत भवन के पुराने गेट में फर्जी तरीके से नए गेट का भुगतान कर लिया गया और उसको मिनी सचिवालय का दर्जा भी दें दिया गया।गांव में हैंडपंप रिबोर,मरमत सहित कई विकास कार्यों पर फर्जी भुगतान प्रधान व सचिव के द्वारा किया गया है।शिकायतकर्ता नितिन कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत में लाखों रुपए का फर्जी तरीके से भुगतान किए जाने का आरोप है।सही से जांच हुई तो दोषी दंडित जरूर होंगे।इस संबंध में डीपीआरओ नीलेंद्र सिंह ने बताया कि अभी मेरे पास शिकायत पत्र नहीं आया है।जैसे ही प्राप्त होता है विधिक कार्रवाई कर दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित होगी।



