नापी के एवज में कानूनगो मांग रहा पैसा,शिकायत पहुंची मुख्यमंत्री दरबार
अधिकारी,कर्मचारी पलीता लगाने पर तुले हुए हैं

गाजीपुर:योगी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन की बात तो करती है लेकिन उसके ही अधिकारी,कर्मचारी पलीता लगाने पर तुले हुए है.खासकर राजस्व विभाग में तो भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त हो गया है कि विभागों में अधिकारी, कर्मचारी तो अब मुंह खोल कर पैसे की मांग कर रहे है नहीं देने पर काम नहीं करने की धमकियां भी दे रहे है.ऐसा ही एक मामला मरदह थाना क्षेत्र के बरही निवासी प्रमिला देवी पत्नी सूबेदार राम के साथ हुआ है.जहां प्रमिला देवी द्वारा रजिस्ट्री कराई जमीन की नापी के एवज में कानूनगो द्वारा पैसे की मांग की शिकायत को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजा है शिकायती पत्र में आरोप है कि सूबेदार राम ने अपने पत्नी प्रमिला देवी के नाम 2021 में साधन सहकारी समिति नसरतपुर,बरही के ठीक पीछे 5 बिस्वा जमीन रजिस्ट्री कराई जो बाद में खारिज दाखिल भी हो गई.बाद में प्रमिला देवी ने सदर एसडीएम के यहां 4 नवंबर 2023 को नापी,पत्थरगढ़ी हेतु आवेदन किया जिसका आदेश भी पारित हो गया. परन्तु वर्तमान कानूनगो पन्ना लाल द्वारा प्रार्थीनी को बेवजह बार-बार दौड़ाया गया. कानूनगो पन्ना लाल द्वारा सात हजार रुपए की मांग की गई और कहा कि पैसा दे दो तब तुम्हारा नापी करूंगा.कानूनगो द्वारा फील्ड बुक की कॉपी भी गायब कर दी गई.प्रमिला देवी का आरोप है कि जब दोबारा 9 जून 2025 को कानूनगो के पास गई तो कानूनगो पन्ना लाल द्वारा दोबारा 10 हजार रुपए की मांग की गई और कहा गया पैसा मिलेगा तभी नापी हो पाएगी क्यों कि खर्चा बहुत है हवाला दिए कि मैं 30 जून को रिटायर हो रहा हु।प्रार्थीनी ने थक हार मुख्यमंत्री के नाम शिकायती पत्र भेजा और मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि किसी सक्षम अधिकारी से जांच कराकर कानूनगो के खिलाफ कार्रवाई की जाए।जब इस विषय में पन्ना लाल से संपर्क करने की कोशिश की गई तो बार बार फोन करने के बावजूद फोन नहीं उठा.अंततः सदर एसडीएम से उक्त शिकायती पत्र के बारे में बताया गया तो एसडीएम ने बताया मीटिंग में हु पत्र वाट्सअप करिए मैं दिखवाता हू।



