महाराजा सुहेलदेव की 22 फरवरी जयंती के जरिए बीजेपी की नजर सूबे के राजभर समुदाय पर
ओमप्रकाश राजभर के वोटों में बीजेपी सेंध लगाने की जुगत में

गाजीपुर।मरदह बाजार स्थित एक मैरिज हाल में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने राजभर समाज व पार्टी के नेताओं संग बैठक कर आगामी 22 फरवरी को प्रस्तावित आजमगढ़ जिले में महाराजा सुहेलदेव राजभर जयंती के उपलक्ष्य में फुलपुर टीकुरिया मैदान में एक विशाल रैली को सफल और मजबूत बनाने की रूपरेखा तैयार की।सभी लोगों से अपील किया कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाएं और महाराजा सुहेलदेव का गौरव बढ़ाएं।आगे कहा कि पूर्व की सरकारों ने कभी भी सुहेलदेव के इतिहास को जानने का प्रयास किया भाजपा सरकार ने उनका और राजभर समाज को सम्मान दिया।कुछ लोग आज भी इनके नाम पर राजनीति रोटीं सेंक कर खा रहे हैं जिन्हें हमारा समाज भली भांति जानता व पहचानता है समय आने पर उनका हिसाब किताब करेगा।महोबा के विधायक बृजभूषण राजपूत व कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के बीच उपजे वाद विवाद को लेकर कहां की यह मीडिया की देन है जिसे चढ़ा बढ़ाकर पेश किया गया अगर कुछ बातें होगी तो विधायक परिवार के बैठ कर बातचीत कर हल कर लिया जाएगा।इस मौके पर गुड्डू राजभर,प्रेमसागर राजभर, राजेश राजभर,रमेश सिंह,लालसा भारद्वाज,योगेंद्र शर्मा,प्रवीण पटवा,डॉ अनिल राजभर,जगदीश राजभर,श्रवण राजभर,अंकुर पाण्डेय,मुन्ना चौहान,शिवनारायण,संजय विक्रम सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।-महाराजा सुहेलदेव की 22 फरवरी जयंती के जरिए बीजेपी की नजर सूबे के राजभर समुदाय पर है।यूपी सरकार के द्वारा आजमगढ़ जिले में महाराजा सुहेलदेव राजभर जयंती के उपलक्ष्य में फुलपुर टीकुरिया मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन प्रस्तावित है।सुहेलदेव जयंती को भव्य तरीके से मनाए जाने के पीछे बीजेपी की कोशिश है कि ओमप्रकाश राजभर के मजबूत वोटबैंक को भेद कर अपने पाले में लाने की है.पूर्वांचल में करीब 40 सीटों पर राजभर वोटों का असर है,ओमप्रकाश राजभर के वोटों में बीजेपी सेंध लगाने की जुगत में है।उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भले ही अभी एक साल का वक्त बाकी हो,लेकिन बीजेपी अपने राजनीतिक समीकरण को मजबूत करने की कवायद में जुट गई है.महाराजा सुहेलदेव की जयंती के जरिए बीजेपी की नजर सूबे के राजभर समुदाय पर है.बीजेपी सुहेलदेव जयंती को भव्य तरीके से मनाकर ओमप्रकाश राजभर के मजबूत वोटबैंक को भेद कर अपने पाले में लाने की फिराक में है।



