मटेंहू गांव के लाल अजीत सिंह को एस.एस.बी.डीजी ने किया सम्मानित
सशस्त्र सीमा बल महानिदेशक के पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया

गाजीपुर।मरदह क्षेत्र के मटेहूं गांव निवासी अजीत सिंह को
सशस्त्र सीमा बल महानिदेशक के पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।जिससे क्षेत्र के लोगों ने काफी प्रसन्नता व्यक्त किया है।गांव निवासी किसान उपेन्द्र नाथ सिंह बड़े पुत्र अजीत सिंह वर्तमान में सिक्किम में भारत-नेपाल-चीन सीमा के कंचनजंधा पर्वतीय क्षेत्र के सीमा सुरक्षा हेतु स्थापित 72 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल युकसुम में उप कमांडेंट के पद पर कार्यरत हैं।युकसुम को कंचनजंघा नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार भी बोला जाता है तथा यह सिक्किम की प्रथम राजधानी भी कभी हुआ करती थी।सशस्त्र सीमा बल द्वारा कंचनजंघा पर्वतीय क्षेत्र में स्थित भौतिक रूप से नहीं खोज जाने वाले दुरूह सीमा स्तम्भों पर पहुँचने हेतु अभियान चलाया गया था।जिसका नेतृत्व उप कमांडेंट अजीत सिंह कर रहे थे।दल में माउंट एवरेस्ट फ़तह करने वाले सशस्त्र सीमा बल के पर्वतारोही भी शामिल थे।उप कमांडेंट,अजीत सिंह के कुशल नेतृत्व में अभियान दल द्वारा एडवांस बेस कैंप लाम पोखरी (समुद्र तल से ऊंचाई 14400 फीट )में स्थापित करते हुए,सीमा स्तंभ 34(समुद्र तल से ऊंचाई 14902 फीट,सीमा स्तंभ 33(समुद्र तल से ऊंचाई 15492 फीट और संभावित रास्तों का अध्ययन कर सीमा स्तम्भ 32 समुद्र तल से ऊँचाई 15800 फीट तक सकुशल पहुँचा गया।इस अनुकरणीय साहसिक और उत्कृष्ट सेवा हेतु अजीत सिंह को सशस्त्र सीमा बल महानिदेशक के पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।इस सम्मान के प्राप्त होने पर अजीत सिंह ने अपने बाबा, माता,पिता,पत्नी परिवारजनों सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया है।पूर्व में भी इन्हें अनुकरणीय सेवा प्रदान करने हेतु विभिन्न अवसरों पर सम्मान किया गया हैं जिनमें प्रमुख रूप से सन् 2017 में पंचकुला में राम रहीम दंगा रोधी कार्य,सन् 2020 में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा कुम्भ सेवा पदक,सन् 2021 में सीमांत मुख्यालय पटना बिहार और उसके समस्त ईकाईयों का सर्वश्रेष्ठ अधिकारी सम्मान भी प्रदान हुआ।अजीत सिंह प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान माता तपेश्वरी इंटर कॉलेज के पुरातन छात्र है।इनका छोटा भाई अनुराग सिंह चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ के तहसीलदार हैं।



