पूर्वांचल

वैज्ञानिक तकनीक विषय पर पांच दिवसीय रोजगार परक प्रशिक्षण का आयोजन सम्पन्न

कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान अनुभाग द्वारा सब्जियों के नर्सरी उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक पर चर्चा

बलिया।कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान अनुभाग द्वारा सब्जियों के नर्सरी उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक विषय पर पांच दिवसीय रोजगार परक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉक्टर संजीत कुमार ने किसानों का स्वागत करते हुए बताया कि सब्जियों की नर्सरी के उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक में बीजोपचार,अच्छी गुणवत्ता वाली क्यारी तैयार करना,सही खाद और पानी का उपयोग,कीट और रोग नियंत्रण के लिए कवकनाशी/कीटनाशक का प्रयोग,तथा अंततः स्वस्थ पौध तैयार करना शामिल है जिससे समय से बुवाई करके स्वास्थ्य नर्सरी तैयार करके अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है प्रशिक्षण के आयोजक उद्यान वैज्ञानिक डॉक्टर अवधेश कुमार ने बताया कि किसान भाई सब्जियों का बीज खरीदते समय प्रमाणित बीज का प्रयोग करें तथा पंजीकृत एवं विश्वसनीय दुकान से ही बीज की खरीदारी करें शुद्ध बीज की बुवाई के बाद,उसे अच्छी से सड़ी हुई गोबर की खाद और रेत के मिश्रण से ढक दें तथा आवश्यकतानुसार पानी देकर नमी बनाये रखे जिससे बीजो का अंकुरण आसानी से हो सके और अंकुरण के बाद पौधों की सुरक्षा के लिए कीट रोधी जाल का उपयोग भी कर सकते है।नर्सरी तैयार करने के लिए 15 से 20 सेंटीमीटर ऊंची क्यारी तैयार करें.मिट्टी को अच्छी तरह खोदकर या जुताई करके तैयार करें और उसमे अच्छी से सड़ी हुई गोबर की खाद,नदी की रेत और मिट्टी के मिश्रण को क्यारी में मिला कर बीज की बुवाई करें डॉ अभिषेक कुमार यादव ने प्रशिक्षण में किसानो को बताया कि सब्जियों के बीज को कैप्टन, थिरम, या ट्राइकोडर्मा जैसे फफूंदनाशी से उपचारित करके ही बुवाई करें ताकि बीजजनित एवं भूमिजनित रोगों को शुरुवात में ही नियंत्रित किया जा सके तथा टमाटर और फूलगोभी जैसे पौधों को कीटों से बचाने के लिए 2 फीट की ऊंचाई पर मलमल के कपड़े से ढकी सुरंग जैसी संरचना बना कर उससे ढक दे जिससे पौधो में कीड़े न लगे और नर्सरी में रस चूसने वाले कीटों से बचाने के लिए इमिडाक्लोप्रिड जैसे कीटनाशक से बीज को उपचार करेके बुवाई करें. डॉ मनोज कुमार ने नर्सरी से स्वस्थ पौधे प्राप्त करने के लिए बताया कि केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट) का उपयोग पौधों के लिए उत्तम होता है वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग नर्सरी में करने से बीज का जमाव अच्छा होता है तथा पौधे भी स्वस्थ एवं हरे भरे बने रहते हैं, डॉक्टर सोमेन्द्रनाथ ने किसानों को केंद्र पर तैयार की गई करेले के पौधों को किसानों को निशुल्क वितरित किया और किसानों को बताया कि किसान भाई इसको अपने प्रक्षेत्र पर लगाकर इसका लाभ उठाएं प्रशिक्षण में केंद्र के कर्मचारी अमित कुमार तिवारी,धर्मेंद्र कुमार राम तौल एवं सुशीला भी उपस्थित रहे।

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