दवाओं पर जीएसटी हटाने के लिए मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव संगठन ने दिया ज्ञापन
दवाओं पर जीएसटी हटाने के लिए मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव संगठन ने दिया ज्ञापन

मऊ।उत्तर प्रदेश मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव संगठन द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया गया। जिसमें मुख्य मांग की गई कि मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को सरकारी अस्पताल में वर्किंग पर रोकना सही नहीं है। इसके साथ ही सरकारी दवावों पर से जीएसटी हटाना प्रमुख मांग में शामिल रहा।वक्ताओं ने कहाकि समय-समय पर नई-नई दवाओं का शोध होता है जो कि यह रिप्रेजेंटेटिव के माध्यम से डॉक्टर को पहुंचता है। जिससे कि नई-नई बीमारियों को सामना करने के लिए उसका उपयोग किया जाता है। लेकिन सरकार की गलत नीतियों के कारण मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। आज के समय में काम के घंटे 8 घंटे फिक्स होना चाहिए और मिनिमम जो एक सैलरी होना चाहिए वह 26000 होना चाहिए। इसके लिए सरकार ट्रेड यूनियन को खत्म कर एक कोर्ट में बदलना चाह रही है जिससे कि कंपनिया मनमाना ढंग से वह काम करा सके।मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव नई नई दवाओं को लेकर मार्केट में डॉक्टरों को बताते हैं और जिससे कि मरीज के उपचार में काफी लाभदायक होता है दवाओं पर जीएसटी शून्य होना चाहिए इसके साथ ही मांग किया गया कि जो भी जीवन रक्षक दवाएं हैं वह न्यूनतम दर पर मरीजों को मिलना चाहिए कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों पर जीपीएस के माध्यम से मानसिक प्रताड़ना देना रहता है।इसमें मुख्य रूप से पियूष उपाध्याय,अध्यक्ष चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव,सचिव राहुल तिवारी,दीपेंद्र सिंह,आरपी सिंह,आशीष श्रीवास्तव,राणा प्रताप सिंह,आदित्य गुप्ता, सौरभ राय व शुभम इत्यादि मौजूद रहे।



