राजकीय महिला चिकित्सालय पर पिछले 2 सालों से डॉक्टर की तैनाती नहीं
भगवान भरोसे चल रहा चिकित्सकीय व्यवस्था

गाजीपुर।उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने नागरिकों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा देने का दावा करती है लेकिन धरातल पर स्तिथि कुछ अलग ही है,बरही गांव स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पर पिछले 2 सालों से डॉक्टर की तैनाती नहीं होने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही है,अस्पताल सिर्फ फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय के भरोसे चल रहा है,जबकि सरकार की तरफ से नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने का कोरा वादा किया जा रहा है।अस्पताल को गांव में 15 सालों से ऊपर हो गया बावजूद इसके आज भी दो बेड का राजकीय महिला चिकित्सालय निजी किराए के मकान में एक कक्ष चल रहा है,विभाग भी नहीं चाह रहा कि अस्पताल सुचारू रूप से चले।अस्पताल पर तैनात स्टॉफ भी मनमाने है जब इच्छा किया आए नहीं इच्छा किया नहीं आए।अस्पताल से अब तो ग्रामीणों का भरोसा भी उठता जा रहा है पहले जब डॉ की तैनाती रहती थी तो मरीज दिखाने अस्पताल पर पहुंचते थे अब सबको पता है कि कोई डॉ ही नहीं है तो दिखाने से क्या फायदा।यहां पर फार्मासिस्ट चन्द्रसेन,ए एन एम सरोज मौर्या,वार्ड आया सिन्धु यादव,स्वीप्रेस रंजीता रावत,चौकीदार सौरभ सिंह की तैनाती है।



