एफआईआर की तिथि से 70 दिवस के अंदर आरोप पत्र लगने के 57 दिवस बाद दिलाई गई सजा
एफआईआर की तिथि से 70 दिवस के अंदर आरोप पत्र लगने के 57 दिवस बाद दिलाई गई सजा

गाजीपुर।ऑपरेशन कन्विक्शऩ”पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 लखनऊ द्वारा चलाये जा रहे अभियान “OPERATION CONVICTION” के अन्तर्गत मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी कर मा0 न्यायालय द्वारा दुष्कर्म/पॉक्सो/एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे के अभियुक्त को आजीवन कारावास व 42000/-रू0 के अर्थदण्ड़ की सजा से दण्डित किया गया ।*
एफआईआर की तिथि से 70 दिवस के अंदर आरोप पत्र लगने के 57 दिवस बाद दिलाई गई सजा।दिनांक 29.08.2025 को मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन के प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप थाना बहरियाबाद पर पंजीकृत मु0अ0सं0 -106/25 धारा – 65(2), 351(3), 352, 331(3) बीएनएस व 5एम/6 पॉक्सो एक्ट व 3(2)5, 3(2)5ए, 3(1)द, 3(1)ध एससी/एसटी एक्ट
से सम्बन्धित प्रकरण में मा0 न्यायालय द्वारा *अभियुक्त रामअवध राजभर* पुत्र बनारसी राजभर निवासी सरसौली *थाना बहरियाबाद* जनपद गाजीपुर को मुकदमा उपरोक्त में दोषसिद्ध करते हुए *धारा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष के कठोर कारावास व15,000/-रू0 अर्थदण्ड, धारा 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास व 20,000/-रू0 अर्थदण्ड*, धारा 351(3) बीएनएस में 02 वर्ष का कारवास व 2,000/-रू0 के अर्थदण्ड, धारा 3(2)5ए एससी/एसटी एक्ट में 02 वर्ष का साधारण कारावास व 2,000/-रू0 का अर्थदण्ड, धारा 331(3)बीएनएस में 01 वर्ष का कारावास व 1000/-रू0 का अर्थदण्ड, धारा 352 के तहत 01 वर्ष का साधारण कारावास, धारा 3(1)द एससी/एसटी एक्ट में 01 वर्ष का कारवास व 1000/- रू0 अर्थदण्ड, धारा 3(1)ध एससी/एसटी एक्ट में 01 वर्ष का साधारण कारावास व 1000/- का अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया।



