महाहर धाम पर नशे में मिला सफाई कर्मी,डीपीआरओ ने किया निलंबित
प्रभारी एडीओ पंचायत की जांच में सफाई कर्मचारी दोषी पाया गया

गाजीपुर।मरदह सावन माह शुरू होने से पहले ही महाहर धाम परिसर का जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं एसपी डा. ईरज राजा ने 28 जून को निरीक्षण किया था।निरीक्षण के दौरान एक सफाई कर्मचारी शराब पीकर तांडव किया था।जिसको लेकर प्रभारी एडीओ पंचायत की जांच में सफाई कर्मचारी दोषी पाया गया। इस मामले में डीपीआरओ ने तत्काल निलंबित कर दिया।उन्होंने कहा कि सभी सफाई कर्मचारियों को सक्त निर्देश दिया है कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाया गया तो सीधे निलंबन की कार्यवाही की जाएगी।सफाई कर्मचारी रामसुमेर यादव,ग्राम पंचायत-अरखपुर,में तैनात है।जिसको डीपीआरओ नीलेंद्र सिंह ने तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी महाहर धाम मंदिर परिसर में लगने वाले श्रावण मास मेले एवं श्रद्वालुओं की उपस्थिति को देखते हुए मरदह स्थित महाहर धाम परिसर का निरीक्षण जिलाधिकारी ने 28 जून को किया था। एडीओ पंचायत विकास खण्ड-मरदह ने
निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सफाई कर्मचारी मंदिर परिसर में शराब का सेवन कर हंगामा कर रहा था।जिसके लिए आप दोषी और उच्चाधिकारियों के आदेशों के अवहेलना करने पर डीपीआरओ नीलेंद्र सिंह ने निलंबित कर दिया । निलम्बन अवधि में रामसुमेर यादव,सफाईकर्मी द्वारा इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जायेगा कि वह किसी अन्य सेवायोजन,व्यापार,वृत्ति व्यवसाय में नही लगे है।निलम्बन अवधि में रामसुमेर यादव, सफाईकर्मी,विकास खण्ड-मरदह से सम्बद्ध रहेंगे। साथ ही बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित नही होंगे।प्रश्नगत प्रकरण में सहायक विकास अधिकारी (पं०)कासीमाबाद को जांच अधिकारी नियुक्त किया जाता है।इस संबंध में प्रभारी एडीओ पंचायत प्रभाकर पाण्डेय ने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी के द्वारा उक्त सफाई कर्मी को निलंबित कर दिया गया है।



