संविधान महज एक दस्तावेज नहीं बल्कि जीवन पद्धति:जफर

गाज़ीपुर।नगर पंचायत बहादुरगंज में सौहार्द एवं बंधुता मंच के बैनर तले संविधान दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन के के इंडेन गैस एजेंसी निकट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बहादुरगंज पर कौशल तिवारी की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें सर्वप्रथम सभी लोगों ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके और प्रारूप समिति के सदस्यों के योगदान पर चर्चा की गई। एडवोकेट मनोज कुमार ने कहा कि संविधान सबको बराबरी का अधिकार हैं चाहे वह वह कोई भी हो संविधान की नजर में सब बराबर है वहीं विमलेश तिवारी ने कहा कि संविधान को बचाने के लोग इंदिरा गांधी से टकरा गए और जेल जाना मंजूर किए मगर झुकना परंतु आज तो कोई भी नेता जेल जाने को तैयार नहीं है हम सबको संविधान की रक्षा के लिए अगर जेल भी जाना पड़े तो इसके लिए हम सबको तैयार रहना चाहिए। जबकि समावेशी साथी जफर अकील ने संविधान दिवस मनाने और संविधान निर्माताओं के कृत्यों पर प्रकाश डालते हुए उन सभी महापुरुषों को नमन करते हुए संवैधानिक मूल्यों समता स्वतंत्रता न्याय और बंधुत्व पर चर्चा कर इसे आत्मसात करने की अपील की और संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला वहीं पर सौहार्द एवं बंधुता मंच के वरिष्ठ सदस्य निरंजन शर्मा ने संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए वर्तमान समय में संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला और कहा कि संविधान एक सामाजिक संरचना है जिससे सारी व्यवस्था संचालित होती है वहीं पर मास्टर शमीम ने कहा कि संविधान महज एक दस्तावेज नहीं है यह हमारे देश का गौरव है और विश्व में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और संविधान की प्रस्तावना में ही पूरे संविधान का मूल है। अंत में सौहार्द साथी जफर अकील ने उपस्थित लोगों को संविधान के प्रस्तावना की शपथ दिलाते हुए इसके मूल्यों को आत्मसात करने की अपील की कार्यक्रम का समापन कौशल तिवारी के अध्यक्षीय भाषण के साथ समाप्त हुआ जिसमें उन्होंने ने संविधान के मूल्यों पर अमल करने की बात कही।इस अवसर पर निरंजन शर्मा,अध्यापक कौशल तिवारी, अध्यापक एवं बी एल ओ शमीम अहमद, एडवोकेट मनोज कुमार, एडवोकेट संतोष कुमार, पत्रकार सन्तोष गुप्ता, उमेश जायसवाल, विमलेश तिवारी, सभासद नुरुल्लाह अंसारी, अजय राय, आफताब आलम, मोहम्मद शोऐब,गिरी बाबा, सिद्धेश्वर, मोहम्मद आरिफ, मंथन मद्धेशिया, अध्यापक रामायन राजभर इत्यादि लोग उपस्थित रहे।



