खरीफ फसलों में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर प्रशिक्षण का आयोजन
खरीफ फसलों में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर प्रशिक्षण का आयोजन
गाजीपुर।आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र बलिया पर पांच दिवसीय रोजगार परक प्रशिक्षण का आयोजन एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के अंतर्गत किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सोमेंद्र नाथ ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी,उन्होंने कहा कि खेत के मिट्टी की उर्वरा शक्ति धीरे-धीरे कम होती जा रही है इसका कारण तथा उसे उपजाऊ बनाने के बारे में बताया,प्रशिक्षण के समन्वयक डॉ अनिल कुमार पाल के द्वारा जैविक रूप से मृदा को उपजाऊ बनाने के लिए केंचुआ की खाद, सड़ी गोबर की खाद तथा हरी खाद के रूप में ढैंचा की फसल, मूंग की खेती सनई की खेती करने पर किसानो को कहा और यह भी बताया गया की हरी खाद उगाने से खेत में कार्बन की मात्रा बढ़ती है तथा किसानों को अपने प्रक्षेत्र पर ही केंचुआ के खाद उत्पादन की तकनीकी के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिससे कि किसान भाई अपने प्रक्षेत्र पर ही केंचुआ खाद का उत्पादन कर सकें और उनके खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ सके तथा साथ ही साथ खेती की लागत भी कम होगी, उद्यान वैज्ञानिक डॉक्टर अवधेश कुमार बताया कि जैविक रूप से उपजाऊ मृदा में केंचुआ की संख्या अधिक पाई जाती है और केंचुआ प्राकृतिक हलवाहा भी माना जाता है जो कि नीचे की मिट्टी को ऊपर लाकर करता है तथा आगे जानकारी देते हुए यह भी बताया कि हरी खाद खेत में उगाने से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है जिससे कम पानी में ही अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है कार्यक्रम के दौरान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ अभिषेक यादव डॉ मनोज कुमार एवं अमित तिवारी भी मौजूद रहे रहे।



